कल्कि काण्ड - षड्यंत्र का पर्दाफाश
कैसे गुप्त ईसाई एजेंटों ने कल्कि अवतार के नाम पर ठगी की
कल्कि भगवान का जन्म - षड्यंत्र की शुरुआत
किसी भी बड़े षड्यंत्र के सफल होने से पूर्व, बहुत सारे छोटे-बड़े षडयंत्रों की एक श्रृंखला होती है। उन्हीं षडयंत्रो की श्रृंखला में से एक षडयंत्र रचा गया कलयुग में जन्म लेने वाले कल्कि भगवान के अवतार लेने का।
गुप्त ईसाई एजेंटों का आश्रम में प्रवेश
पूज्य बापू जी ईसाई मिशनरीज और धर्मान्तरण के विरुद्ध लगातार काम कर रहे थे। सन् 2004 में शंकराचार्य श्री जयेन्द्र सरस्वती जी को न्याय दिलाने के लिए सभी सनातनियों को एक मंच पर ले आए थे। इसी शक्ति को देखते हुए ईसाई मिशनरीज ने दो खास प्रशिक्षित एजेंट आश्रम में भेजे। एक को मनोविज्ञान और सम्मोहन में खास महारत प्राप्त थी।
आश्रम पर कब्जा
इस एजेंट ने पहले दिन से इतनी सेवा की कि सभी प्रसन्न हो गए। मात्र कुछ माह में यह बापू जी के खास सेवकों में शामिल हो गया। फिर इसने उन लोगों की सूची बनाई जो आश्रम से निकाले गए थे और बदला लेने को उत्सुक थे। इसने आश्रम के सभी खास पदों पर बैठे लोगों को अपने साथ मिलाया - किसी को सम्मोहन से, किसी को धन से।
जो लोग पूज्य बापू जी के प्रति वफादार थे, उन्हें झूठी फरियादों से आश्रम से निकलवा दिया। इस तरह सभी आश्रमों और गुरुकुलों का मैनेजमेंट इस ईसाई एजेंट के हाथ में आ गया। पूज्य बापू जी तक वही खबर पहुँचती जो यह एजेंट चाहता। पूज्य बापू जी को उनके ही परिवार से - सुपुत्री प्रेरणामूर्ति भारती श्री जी, सुपुत्र नारायण साई जी और पूजनीय मैया जी से अलग कर दिया गया।
2009 - राजनीतिक शक्तियों से काटना
इस एजेंट ने सन् 2009 में अहमदाबाद आश्रम में पुलिस द्वारा आम आश्रमवासियों को पिटवाकर पूज्य बापू जी और गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के बीच दरार पैदा की। जब मुख्यमंत्री मोदी जी स्वयं बात सुलझाने आए, तो इसने उन्हें भी मिलने नहीं दिया।
28 अगस्त 2012 - हेलीकॉप्टर दुर्घटना
सन् 2012 आते-आते पूज्य बापू जी के धर्मान्तरण विरोधी कार्य उच्चतम स्तर पर थे। इन एजेंटों (अर्जुन और रामा) पर दबाव बनाया गया कि वे बापू जी को रास्ते से हटाएँ। पूज्य बापू जी का हेलीकॉप्टर गोधरा, गुजरात में बुरी तरह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सभी बच गए, लेकिन हैरानी की बात यह कि इसकी कोई जाँच नहीं की गई। मीडिया ने इसे "चमत्कार" बताया, आश्रम मैनेजमेंट ने "लीला" कहकर साधकों को काबू किया।
कल्कि अवतार की योजना
ओम प्रकाश प्रजापति (छिन्दवाड़ा गुरुकुल संचालक, 55 वर्ष, विवाहित) और सीमा अहुजा (25 वर्ष, अविवाहित) के अनैतिक सम्बन्ध से सीमा गर्भवती हो गई। इनकी संतान को "कल्कि भगवान का अवतार" बताकर एक भव्य ठगी की योजना बनाई गई। एक 'कल्कि अवतार समीति' बनाई गई जिसमें आश्रम से निकाले गए राजू चंडाक, कौशिक पटेल, अमृत प्रजापति (धीमा जहर देने वाला), दिनेश भागचंदानी और शाहजहाँपुर के कर्मवीर अपने पूरे परिवार सहित शामिल थे।
इन गुप्त ईसाईयों द्वारा हमारे भगवान का इतना बड़ा अपमान किया गया ताकि भविष्य में यह इसकी तुलना कुवांरी मरियम के गर्भ से जन्म लेने वाले यीशु मसीह से कर सकें!
गोपनीय बैठकें और ठगी की कार्यप्रणाली
7 दिसम्बर 2012 को रायपुर में पहली गोपनीय बैठक बुलाई गई। बैठक में सबसे पहले सभी के मोबाइल फोन जमा करवा लिए जाते। फिर ओम प्रकाश प्रजापति सभी को बताता कि पूज्य बापू जी की आज्ञा से सीमा अहुजा की संतान "कल्कि भगवान" होगी।
मनोवैज्ञानिक खेल: ओम प्रकाश हाथ ऊपर फैलाकर ध्यान मुद्रा का नाटक करता, फिर कहता "पूज्य बापू जी अगर सहमत हैं तो मेरे फोन पर मैसेज भेजें।" फोन में मैसेज की आवाज आती - जो उसके गुर्गे ने पर्दे के पीछे से भेजा होता - और "हाँ - पूज्य बापू जी" का फर्जी मैसेज दिखाया जाता।
ऐसी गोपनीय बैठकें छिन्दवाड़ा, रायपुर, जबलपुर, झारखण्ड आदि स्थानों पर हुईं और 300-350 लोगों से करोड़ों की ठगी की गई। गोदभराई की रस्में कराई गईं जिनमें सीमा अहुजा को देवी की तरह पूजा गया।
कल्कि बैठकों के नियम और शपथ
- 1. बैठकों को गुप्त रखना, किसी को उजागर नहीं करना
- 2. सीमा अहुजा की संतान (नाम 'ओम') की तन, मन और विशेषकर धन से सेवा करनी है
- 3. सीमा अहुजा सभी के लिए पूजनीय है
- 4. पूज्य बापू जी आत्म साक्षात्कार कराएँगे (पहले 108, फिर 216 कर दी)
- 5. पूज्य बापू जी के सामने से पूछने पर भी न बताएं - "वे लीला करेंगे"
- 6. नियम पालन करने वाले के घर में धन की वर्षा होगी
- 7. गोपनीयता भंग करने वाले के परिवार पर भयंकर मुसीबतें आएंगी
आरोप लगाने वाले परिवार का कल्कि काण्ड से सम्बन्ध
चौंकाने वाला तथ्य:
सीमा अहुजा का कर्मवीर की बेटी से खास लगाव था और उनके घनिष्ठ सम्बन्ध रहे। वह लड़की हर समय सीमा अहुजा के इर्द-गिर्द रहती थी। यही कर्मवीर उसी लड़की का पिता है जिसने पूज्य बापू जी पर जोधपुर में तथाकथित आरोप लगाया। कर्मवीर अपनी पत्नी सुनीता और पूरे परिवार सहित कल्कि अवतार षड्यंत्र में शामिल था।
पर्दाफाश: 2-3 फरवरी 2013
कुछ साधकों को शक हुआ और पूज्य नारायण सांई जी के माध्यम से पूज्य बापू जी को बताया गया। पूज्य बापू जी ने स्वयं जाँच की और सभी को दोषी पाया। 2-3 फरवरी 2013 के सत्संग में पूज्य बापू जी ने सभी के सामने इस ठगी का भंडाफोड़ कर दिया और 36 ठगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया। जाँच में पता चला कि इससे भी बड़ा षड्यंत्र पूज्य बापू जी और नारायण साई जी के विरुद्ध होने वाला था।
षड्यंत्र की प्रतिक्रिया
अपराधियों ने सबूत नष्ट करने शुरू कर दिए। छिन्दवाड़ा गुरुकुल के रजिस्टरों को गायब किया गया और उनसे छेड़छाड़ करके आरोप लगाने वाली लड़की का नाम 2008 के रजिस्टर में चालाकी से लिखा गया। अप्रैल 2013 में सीमा अहुजा की संतान एक कन्या के रूप में पैदा हुई - कल्कि अवतार की भविष्यवाणी झूठी साबित हुई। फिर मात्र कुछ महीनों बाद 31 अगस्त 2013 को पूज्य बापू जी को गिरफ्तार किया गया।
वर्तमान स्थिति (2025)
महत्वपूर्ण तथ्य:
- • कल्कि अवतार के नाम पर ठगी आज 2025 तक गुप्त तरीके से जारी है
- • सीमा अहुजा का होशंगाबाद में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स है, वह आज भी देवी की तरह पूजी जा रही है
- • 28 अगस्त 2012 हेलीकॉप्टर दुर्घटना और 31 अगस्त 2013 गिरफ्तारी - मात्र एक साल का अंतर
- • कल्कि काण्ड के एक भी अपराधी को आज 2025 तक कोई सजा नहीं
- • आश्रम मैनेजमेंट ने एक भी अपराधी पर कार्रवाही नहीं की
- • पंकज मीरचंदानी ने अपने गुप्त ईसाई नेटवर्क को बचा लिया